सिर्फ़ अनुमान — शुरुआती मान भरे हैं, इन्हें अपने हिसाब से बदलें। आप जो लिखते हैं वह इस पेज से बाहर नहीं जाता।

यह क्या है

SWP (सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान) में लगाई रक़म से हर महीने तय पैसा मिलता है और बाक़ी निवेशित रहता है। रिटायरमेंट के बाद आमदनी का यह आम तरीक़ा है।

हिसाब कैसे लगता है

हर महीने बैलेंस (रिटर्न ÷ 12) से बढ़ता है, फिर निकासी होती है। महँगाई बढ़ोतरी चालू हो तो निकासी हर साल उतने % बढ़ती है। जिस महीने बैलेंस निकासी पूरी न कर पाए, उसी महीने पैसा ख़त्म माना जाता है।

हर जानकारी का मतलब

ध्यान रखें

कमाई से ज़्यादा निकालने पर मूलधन घटता है। शुरुआती रक़म का साल में लगभग 4–5% निकालना अक्सर टिकाऊ माना जाता है। हर निकासी में यूनिट बिकती हैं, इसलिए उसकी कमाई पर टैक्स लग सकता है।

एक उदाहरण

₹50 लाख 8% कमाते हुए, हर महीने ₹30,000 निकासी: पूरे 20 साल चलता है और बढ़ता भी है, क्योंकि निकासी कमाई से कम है।

यह कैलकुलेटर Lekhya ऐप में भी है — ऑफ़लाइन, बिना खाते के, और आपकी दर्ज चीज़ों (जैसे PPF, EPF, NPS) से पहले से भरा हुआ। कुछ भी आपके फ़ोन से बाहर नहीं जाता।

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